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THE DIGITAL 24 महाकुम्भ विशेष 2025 : 12 साल बाद ही क्यों लगता है कुम्भ का मेला...?

महाकुम्भ 2025 Vishesh : THE DIGITAL 24 - कुम्भ मेला भारत में आयोजित होने वाला एक विशाल मेला है,जिसमें करोड़ों श्रद्धालु हर बारहवें वर्ष प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में से किसी एक स्थान पर एकत्र होते हैं और नदी में पवित्र स्नान करते हैं। प्रत्येक १२वें वर्ष के अतिरिक्त प्रयाग में दो कुम्भ पर्वों के बीच छह वर्ष के अन्तराल में अर्धकुम्भ भी होता है; २०१३ के कुंभ के बाद २०१९ में प्रयाग में अर्धकुम्भ मेले का आयोजन हुआ था और अब 2025 में पुनः कुंभ मेले का आयोजन हो रहा है। मकर संक्रान्ति के होने वाले इस योग को "कुम्भ स्नान-योग" कहते हैं और इस दिन को विशेष मंगलकारी माना जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन पृथ्वी से उच्च लोकों के द्वार इस दिन खुलते हैं और इस प्रकार इस दिन स्नान करने से आत्मा को उच्च लोकों की प्राप्ति सहजता से हो जाती है। यहाँ स्नान करना साक्षात् स्वर्ग दर्शन माना जाता है। 
ग्रहों की स्थिति हरिद्वार से बहती गंगा के किनारे पर स्थित हर की पौड़ी स्थान पर गंगा जल को औषधिकृत करती है तथा उन दिनों यह अमृतमय हो जाती है। यही कारण है ‍कि अपनी अन्तरात्मा की शुद्धि हेतु पवित्र स्नान करने लाखों श्रद्धालु यहाँ आते हैं। साल 2025 का महाकुंभ मेला प्रयागराज में लगाया जा रहा है. महाकुंभ मेले की शुरुआत 13 जनवरी को पूर्णिमा से होगी और इसका समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर होगा. प्रयागराज कुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे. महाकुंभ मेला का पहला शाही स्नान 13 जनवरी 2025 को होगा.....

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